पिछले हफ़्ते सुल्तानपुर रोड वाले दफ़्तर में एक खरीदार आया। साफ़ कहानी। ₹70,000 की तनख़्वाह, दो साल पुरानी नौकरी, ₹3 लाख बचत। CIBIL 712, बस लाइन के ऊपर। तीन हफ़्तों में दो बैंक प्लॉट लोन ठुकरा चुके थे। एक ने कहा कंपनी नई है। दूसरे ने कहा स्कोर पतला है। मेज़ के उस तरफ़ बैठकर बोला, "भैया, कोई 5 साल वाली EMI scheme है? बैंक का चक्कर नहीं लगाना।"

छोटा जवाब, हाँ। लखनऊ के कुछ डेवलपर सीधे 5 साल EMI प्लॉट देते हैं, बीच में बैंक नहीं। यह असली product है और सुल्तानपुर रोड बेल्ट के ख़ासे खरीदार इसी रास्ते से ज़मीन लेते हैं। लेकिन यह बैंक के 5 साल वाले प्लॉट लोन के बराबर नहीं है, और हमेशा सस्ता भी नहीं है। यह लेख ₹19.99 लाख के एक ही प्लॉट पर दोनों रास्ते चलाता है, ताकि आप salesperson की आवाज़ से नहीं, संख्या से चुनें।

एक छोटी सी disclaimer। यह आर्टिकल गणित बताता है, यह नहीं बताता कि आप क्या ख़रीदें। प्लॉट लंबे समय की प्रतिबद्धता है। EMI अपनी तनख़्वाह से मिलाइए, उत्साह से नहीं।

लखनऊ में "5 साल EMI प्लॉट" का असली मतलब क्या है

यह वाक्य ढीला इस्तेमाल होता है। जब कोई खरीदार Google में 5 year emi plot in lucknow टाइप करता है, तो दो बिल्कुल अलग product सामने आते हैं।

  • Type 1, डेवलपर-funded 5 साल EMI। आप पैसे सीधे डेवलपर को देते हैं। बुकिंग पर 30-40% डाउनपेमेंट, बाक़ी 60 महीने की किश्तों में। बैंक नहीं। डेवलपर का छुपा ब्याज, आम तौर पर 10-12%, मासिक राशि में पहले से जोड़ा हुआ रहता है। अलग से "interest" लाइन नहीं दिखती। Registry या तो बुकिंग पर, या किश्तों के अंत में, डेवलपर के हिसाब से।
  • Type 2, बैंक का 5 साल प्लॉट लोन। सामान्य बैंक प्लॉट लोन, बस tenure 180 की जगह 60 महीने। 7.5-8.5% ब्याज, 70-80% LTV, पूरी कागज़ी कार्रवाई। EMI 15 साल वाले से ज़्यादा, लेकिन लोन 5 साल में ख़त्म। Registry disbursement पर।

बातचीत में दोनों को "5 साल EMI प्लॉट" कह दिया जाता है। ये दो अलग दुनिया हैं। नाम एक, जान अलग।

कौन-सा rasta किसके लिए बना है

गणित से पहले, इंसानी छानबीन। हर option एक ख़ास तरह के खरीदार के लिए है।

  • डेवलपर EMI फ़िट है: स्थिर cash, लेकिन मध्यम CIBIL (650-730), self-employed जिनकी आय कागज़ पर कम है, नई नौकरी वाले (2 साल से कम), छोटे व्यापारी जिनकी बिक्री ज़्यादा नकद है, NRI खरीदार जो NRE/NRO loan account का चक्कर नहीं चाहते। आप बैंक की verification की कसरत skip करते हैं।
  • बैंक 5-साल लोन फ़िट है: साफ़ CIBIL (750+), 3+ साल की तनख़्वाह पर्ची, दो साल का full ITR, और इतना cash flow कि सस्ती headline rate के बदले ऊँची मासिक EMI झेल सकें। बाद में मकान बनाने का इरादा है तो tax savings का रास्ता भी खुलता है।

गणित, एक प्लॉट, दो रास्ते

1,000 sq.ft. का प्लॉट, ₹1,999 प्रति sq.ft., कुल ₹19.99 लाख। साफ़ हिसाब के लिए इसे ₹20 लाख मान लीजिए। एक ही खरीदार, एक ही प्लॉट, पाँच साल में चुकाने के दो तरीक़े।

रास्ता A, डेवलपर-funded 5 साल EMI (आम structure)

लखनऊ के ज़्यादातर डेवलपर इस product को मिलते-जुलते shape में देते हैं। हमने सुल्तानपुर रोड, रायबरेली रोड और फ़ैज़ाबाद रोड के projects में यही नंबर देखे हैं।

  • बुकिंग पर डाउनपेमेंट: 30-40%। यहाँ 35% मान लीजिए, ₹7 लाख।
  • बाक़ी: ₹13 लाख, 60 महीने में फैला हुआ।
  • छुपा ब्याज: लगभग 10-12%। यहाँ 11% पर हिसाब किया है।
  • डेवलपर को मासिक EMI: ₹28,260 (रोल किया हुआ)।
  • 60 महीने में कुल भुगतान: ₹16.96 लाख।
  • हैंडओवर पर प्लॉट की कुल लागत: ₹7 लाख + ₹16.96 लाख = ₹23.96 लाख।
  • पाँच साल में effective "interest": ₹13 लाख पर लगभग ₹3.96 लाख।

कुछ डेवलपर अलग structure रखते हैं, 20% डाउनपेमेंट और 80% कम rate पर किश्तों में; कुछ Registry 5वें साल के अंत पर रखते हैं ताकि shape अच्छा दिखे। कुल लागत लगभग उसी band में आती है, ₹20 लाख sticker पर ₹23-25 लाख, क्योंकि छुपा financing कहीं तो जोड़ना ही है।

रास्ता B, बैंक का 5 साल प्लॉट लोन

वही प्लॉट, वही खरीदार, बैंक के रास्ते, tight 5-year tenure पर।

  • डाउनपेमेंट: प्लॉट मूल्य का 20%, ₹4 लाख।
  • स्टैम्प ड्यूटी और registry: ऊपर से ₹1.5 लाख, अपनी जेब से।
  • लोन: 80% LTV पर ₹16 लाख।
  • ब्याज दर: 7.9% floating, बड़े बैंकों में mid-tier।
  • 60 महीने की EMI: ₹32,360।
  • 60 महीने में कुल भुगतान: ₹19.42 लाख।
  • अंत में प्लॉट की कुल लागत: ₹4 लाख + ₹1.5 लाख registry + ₹19.42 लाख EMI = ₹24.92 लाख।
  • चुकाया गया ब्याज: ₹3.42 लाख।

ऊपरी हिसाब से, बैंक लोन का ब्याज (₹3.42 लाख) डेवलपर के छुपे ब्याज (₹3.96 लाख) से थोड़ा कम है। लेकिन बैंक रास्ता registry-day की स्टैम्प ड्यूटी (₹1.5 लाख) भी शुरू में माँगता है, जबकि कई डेवलपर EMI plans में registry 5वें साल पर खिसकाई जाती है। कुल बराबर लगने पर भी cash flow का shape अलग है।

Side-by-side तुलना

विशेषताडेवलपर 5 साल EMIबैंक 5 साल प्लॉट लोन
डाउनपेमेंट30-40% (₹6-8 लाख)20-30% (₹4-6 लाख)
छुपा / दर्ज ब्याज10-12% (छुपा)7.5-8.5% (दर्ज)
₹13-16 लाख पर मासिक EMI₹28,000-30,000₹32,000-33,000
5 साल का कुल ब्याज~₹3.5-4.5 लाख~₹3.2-3.7 लाख
Processing feeआम तौर पर शून्यलोन का 0.25-0.50%
स्टैम्प ड्यूटी कबअक्सर 5वें साल के अंत मेंDisbursement पर (वर्ष 0)
निर्माण शर्त (build clause)आम तौर पर नहींहाँ, 3 साल में
CIBIL चाहिएकोई कठोर cut-off नहीं720+ सबसे अच्छे रेट पर
आय के काग़ज़हल्केभारी (slips, ITR, bank statement)
Tax benefitकोई नहींनिर्माण के बाद (composite home loan)
Missed EMI पर रियायतडेवलपर के विवेक परसख़्त, late fee + CIBIL पर असर
अप्रूवल समयउसी दिन से 3 दिन10-18 कार्य दिवस

इस table का ईमानदार पाठ यह है: डेवलपर EMI "access" ख़रीदता है, बैंक रास्ता "cost-control"। अगर बैंक हाँ कहे और आप ज़्यादा EMI झेल सकें, तो बैंक रास्ता थोड़ा सस्ता और बहुत सख़्त है। अगर बैंक मना करे या आप कागज़ी क़सरत नहीं चाहते, तो डेवलपर रास्ता आपको प्लॉट पाँच साल में लगभग ₹50,000-1 लाख ज़्यादा लागत पर देगा, बदले में बैंक के चक्कर बच जाते हैं।

निर्माण शर्त (build clause), चुपचाप वाला dealbreaker

यही वो शर्त है जो ज़्यादातर investor-buyer को चौंकाती है। भारत में हर बैंक प्लॉट लोन में, 5 साल वाले variant में भी, यह शर्त लिखी होती है। "Disbursement के 36 महीने में निर्माण शुरू और लगभग पूरा।" नहीं बनाया तो बैंक rate बढ़ा देता है, accelerated repayment माँग सकता है, या लोन को कठोर product में बदल देता है।

डेवलपर-funded 5 साल EMI plans में, इसके उलट, यह शर्त आम तौर पर नहीं होती। आप पूरे 5 साल प्लॉट खाली रख सकते हैं, EMI दे सकते हैं, 5वें साल registry ले सकते हैं, और एक ईंट भी नहीं लगाना। जो खरीदार वाक़ई मकान बनाने वाला है, उसके लिए बैंक लोन में यह शर्त सिरदर्द नहीं, फ़ायदा है, क्योंकि यही composite home loan और धारा 24(b) का दरवाज़ा खोलती है। जो खरीदार resale के लिए या बच्चों के बड़े होने का इंतज़ार कर रहा है, उसके लिए डेवलपर EMI ज़्यादा साफ़ बैठती है।

योग्यता, कौन किस गेट पर पास होगा

वही खरीदार, ₹20 लाख का प्लॉट, लेकिन हर गेट पर परीक्षा बहुत अलग है।

बैंक 5 साल प्लॉट लोन योग्यता

  • CIBIL: सबसे अच्छे रेट पर 720+, sanction के लिए कम-से-कम 700+।
  • आय: ₹16 लाख के लोन पर महीने में ₹65,000 net take-home (FOIR 50% cap)।
  • नौकरी स्थिरता: मौजूदा नौकरी पर 2 साल, या कुल 3 साल का work history। Self-employed को 2 साल का ITR चाहिए।
  • उम्र: 21-60 साल, loan maturity पर। 56 साल की उम्र वाले के लिए 5 साल का लोन ठीक है।
  • डाउनपेमेंट का सबूत: bank statement जिसमें प्लॉट मूल्य का 20-30% साफ़ salary या बचत से दिखाई दे।
  • Project approval: project बैंक की approved list में हो, या बैंक खुद legal-title check करता है।

डेवलपर 5 साल EMI योग्यता

  • CIBIL: आम तौर पर hard cut-off नहीं, लेकिन डेवलपर एक informal check करते हैं।
  • आय: 3 महीने के bank statement और salary slip, ज़्यादातर इस लिए कि वे देख लें कि आप मासिक EMI दे सकते हैं, सख़्त FOIR के लिए नहीं।
  • डाउनपेमेंट: बुकिंग पर 30-40%, कभी-कभी 30 दिन में दो हिस्सों में।
  • Documents: KYC, address proof, बेसिक income proof। Legal-title chain check नहीं (आप डेवलपर के कागज़ों पर भरोसा करते हैं)।
  • Approval: डेवलपर के विवेक पर। ज़्यादातर भरोसेमंद लखनऊ डेवलपर उसी दिन approve कर देते हैं, बशर्ते cash और KYC साफ़ हो।

किराने की दुकान वाले, नकद बिक्री वाले, पतले ITR वाले छोटे व्यापारी के लिए अक्सर डेवलपर रास्ता ही असली है। 5 साल पुरानी IT नौकरी वाले salaried के लिए बैंक रास्ता पैसा बचाता है। अपना profile देखिए, फिर गेट चुनिए।

छुपी लागतें, जो दोनों तरफ़ ब्रोशर पर नहीं लिखी होतीं

दोनों options में छोटी लाइनें हैं। आँख खोलकर अंदर जाइए।

डेवलपर EMI की छुपी लागतें

  • Sticker markup। कई डेवलपर 5 साल EMI plan के लिए per sq.ft. रेट थोड़ा ऊपर रखते हैं, cash-down से ₹100-200 ज़्यादा। 1,000 sq.ft. पर वह ₹1-2 लाख extra, EMI शुरू होने से पहले ही जुड़ा हुआ। दोनों रेट पूछिए।
  • Registry 5वें साल पर खिसकाई हुई। अगर registry EMI के अंत में होती है, तो 5 साल तक प्लॉट क़ानूनी रूप से आपका नहीं है। Agreement आपके नाम है, प्लॉट नहीं। Cancellation की लाइनें ध्यान से पढ़िए।
  • Late-EMI penalty नियम। आम तौर पर late राशि पर 2% प्रति माह। तीसरी miss पर अलग-अलग डेवलपर अलग रास्ता लेते हैं, कई booking cancel करके आंशिक refund दे देते हैं।

बैंक 5 साल लोन की छुपी लागतें

  • Processing fee: लोन का 0.25-0.50%, ज़्यादातर बैंक ₹10,000-15,000 cap रखते हैं।
  • Mortgage registration: बैंक प्लॉट पर mortgage charge register करता है। लखनऊ में charge ₹500-1,000 + drafting।
  • Legal और valuation fee: ₹3,000-7,000, पहले देना है, लोन reject हो जाए तब भी।
  • Stamp duty कब: बैंक registry receipt पर disburse करता है, इसलिए पहले दिन ही 7% स्टैम्प ड्यूटी cash में। ₹20 लाख पर ₹1.4 लाख।
  • Prepayment penalty: Floating-rate loan पर penalty नहीं लग सकती, लेकिन agreement देख ज़रूर लीजिए।

कब 5 साल 15 से बेहतर, और कब नहीं

बैंक प्लॉट लोन में आप 5 से 15 साल के बीच tenure चुन सकते हैं। 5 साल default नहीं है, सोच-समझकर पकड़ने वाली चीज़ है।

  • 5 साल सही है अगर: आप जल्दी क़र्ज़-मुक्त चाहते हैं, मासिक cash flow ऊँची EMI (₹16 लाख लोन पर ₹32,000+) आराम से उठाता है, retirement 5 साल दूर है, या आप 4-6 साल में प्लॉट बेचने वाले हैं।
  • 15 साल सही है अगर: आपकी take-home ₹70,000-90,000 है (₹32,000 EMI 40%+ बैठती है, ज़्यादा tight), दूसरी EMI पहले से चल रही हैं, या आप वाक़ई मकान बनाने वाले हैं और composite home loan की लंबी tenure बचाए रखना चाहते हैं।
  • ब्याज का अंतर: ₹16 लाख @ 7.9% × 5 साल पर ब्याज ₹3.42 लाख। वही लोन 15 साल पर ₹9.7 लाख। ₹6.3 लाख की बचत आकर्षक है, लेकिन तभी जब ऊँची EMI से घरेलू बजट तनाव में न आए।

2024 में एक खरीदार ने "ब्याज बचाने" के लिए 5 साल चुना, फिर साल 2 में पारिवारिक medical आ गया, और 13% पर पर्सनल लोन लेकर पैचवर्क करना पड़ा। जो ₹6 लाख ब्याज में बचाना था, सब दूसरे लोन में वापस चला गया, ब्याज समेत। जीभ और जेब, दोनों का हिसाब रखना।

मोलभाव कैसे करें, दोनों गेट पर

डेवलपर के साथ

  • पहले cash-down rate पूछिए, फिर EMI rate। फ़र्क ही छुपा ब्याज है। अगर 5 साल plan पर per sq.ft. का फ़र्क ₹150 से ज़्यादा है, तो छुपा rate 12% से ऊपर है, discount पर ज़ोर दीजिए।
  • डाउनपेमेंट % पर मोलभाव कीजिए। कई डेवलपर 25% डाउन मान लेते हैं अगर बाक़ी 36-month EMI पर भी राज़ी हों। कम डाउन, कम छुपा रेट, अक्सर।
  • बुकिंग से 6 महीने के अंदर registry पर ज़ोर दीजिए, 5वें साल के अंत पर नहीं। Agreement to Sell में यह बात लिखी हो।
  • Late-EMI policy लिखी हुई माँगिए, साफ़ late fee, grace period, cancellation नियम के साथ।
  • LDA-NOC clear projects के लिए NOC reference number माँगिए और LDA portal पर खुद verify कीजिए। Photocopy को proof मत मानिए।

बैंक के साथ

  • कम-से-कम 3 बैंक compare कीजिए। Salaried के लिए SBI Realty, HDFC, ICICI; self-employed के लिए PNB Housing भी। 5 साल पर ₹16 लाख पर 0.25% की बचत भी ₹25,000-30,000 बैठती है।
  • Processing fee पर ज़ोर दीजिए। Sign करने से पहले माँगने पर ज़्यादातर बैंक 50% waive कर देते हैं। competing offer का ज़िक्र कीजिए।
  • EBLR linked floating rate माँगिए। Default लोन बैंक के internal rate पर float करते हैं; कुछ बैंक external-benchmark rate देते हैं, जो repo से ज़्यादा predictable तरीक़े से चलता है।
  • Build-clause language लिखी हुई लीजिए। Standard 36 महीने है; LDA-approved project पर माँगने पर कुछ बैंक 48 महीने तक खींच देते हैं।

एक असली लखनऊ खरीदार जिसने डेवलपर EMI चुना (और क्यों)

अलीगंज के 38 साल के एक caterer को सुल्तानपुर रोड पर 1,000 sq.ft. का प्लॉट चाहिए था। अच्छे महीने में आय ₹90,000, लेकिन ITR में सालाना ₹4.2 लाख, क्योंकि catering का ज़्यादातर पैसा नकद आता है। 6 हफ़्तों में तीन बैंक मना कर चुके थे। एक ने 9.5% पर ₹8 लाख sanction किया, ज़रूरत से कम।

उसने उसी प्लॉट पर डेवलपर का 5 साल EMI plan लिया, ₹2,099 प्रति sq.ft. (cash rate ₹1,999 से ₹100 ज़्यादा)। डाउनपेमेंट ₹7.5 लाख, बाक़ी ₹13.5 लाख 60 महीनों में 11.5% छुपे रेट पर, EMI ₹29,650। 5 साल में ₹17.79 लाख EMI और ₹7.5 लाख डाउन, कुल ₹25.29 लाख, sticker ₹20.99 लाख पर। छुपी लागत: 5 साल में ₹4.3 लाख।

बैंक का 5 साल लोन उसे लगभग ₹3.4 लाख ब्याज में पड़ता। उसने ₹4.3 लाख दिया, यानी लगभग ₹90,000 ज़्यादा, बैंक छोड़ने के बदले। हमसे बोला, "90 हज़ार ज़्यादा देने में मसला नहीं था, time और सर-दर्द बचाने में था।"

कब 5 साल EMI सही है, कब नहीं

  • सही है: बैंक से अस्वीकृति, मध्यम CIBIL, informal आय, NRE setup के बिना NRI, और जो खरीदार सीधा हाथ-मिलाओ deal चाहता है, legal-title chain के पीछे भागे बिना।
  • सही है: मज़बूत cash flow वाला salaried जो 5 साल में क़र्ज़-मुक्त चाहता है और ऊँची EMI से ठीक है। इस case में बैंक 5 साल लोन।
  • ग़लत है: tight cash flow वाला परिवार जिसके लिए ₹28,000-32,000 take-home का 40%+ है। लंबा tenure चुनिए या 6-12 महीने रुककर डाउनपेमेंट बढ़ाइए।
  • ग़लत है: जो खरीदार 3 साल में मकान बनाने वाला है। बैंक का build clause फ़ायदा बन जाता है, composite home loan खुलता है, tax बचत शुरू होती है। 5 साल sprint नहीं, 15 साल tenure।

बैंक की तरफ़ के गहरे नंबरों के लिए हमारा pillar देखिए, plot loan EMI Lucknow। प्लॉट लोन बनाम पर्सनल लोन के trade-off के लिए, प्लॉट लोन बनाम पर्सनल लोन। पूरे खरीद process और legal check के लिए, लखनऊ में प्लॉट कैसे ख़रीदें। Registry day पर लगने वाले स्टैम्प ड्यूटी cash के लिए, UP में प्लॉट स्टैम्प ड्यूटी। कॉरिडोर और मौजूदा दामों के लिए, सुल्तानपुर रोड प्लॉट दाम, अदमपुर नौबस्ता प्लॉट, और LDA approved plots in Lucknow

FAQ

क्या लखनऊ में 5 साल EMI प्लॉट क़ानूनी है?

हाँ। डेवलपर-funded EMI plans Agreement to Sell के तहत आम sale arrangement हैं। पक्का कीजिए कि डेवलपर का LDA NOC और title chain साफ़ है, EMI structure agreement में लिखा है, और registry timing बताई गई है। arrangement क़ानूनी है, छोटी लाइनें डेवलपर-डेवलपर से बदलती हैं।

कौन सस्ता है, डेवलपर 5 साल EMI या बैंक 5 साल प्लॉट लोन?

कुल ब्याज पर, बैंक रास्ता आम तौर पर ₹20 लाख प्लॉट पर 5 साल में ₹50,000-1.5 लाख सस्ता है। डेवलपर रास्ता कागज़ी, time, और registry-day cash पर सस्ता है। "सस्ता" क्या है, यह आप पर निर्भर है, पैसा बचाना या परेशानी बचाना।

क्या CIBIL के बिना लखनऊ में 5 साल EMI प्लॉट मिलेगा?

डेवलपर-funded 5 साल EMI plans आम तौर पर औपचारिक CIBIL check नहीं करते। बैंक 5 साल प्लॉट लोन में sanction के लिए 700+ और सबसे अच्छे रेट के लिए 720+ चाहिए। 700 से कम CIBIL है, तो असली option डेवलपर रास्ता है, या 6 महीने रुककर छोटा credit card / consumer-durable लोन समय पर भरकर score बनाइए।

5 साल EMI प्लॉट के लिए न्यूनतम डाउनपेमेंट क्या है?

डेवलपर plans आम तौर पर बुकिंग पर 30-40% माँगते हैं। बैंक 5 साल प्लॉट लोन 20-30% स्वीकार करते हैं। यानी ₹20 लाख प्लॉट पर डेवलपर से ₹6-8 लाख डाउन, या बैंक से ₹4-6 लाख डाउन + स्टैम्प ड्यूटी।

क्या Estone के पास 5 साल EMI plan है?

Estone Infra short-term EMI structure के लिए खुला है, उन खरीदारों के लिए जो बैंक का चक्कर नहीं चाहते, आम तौर पर 20-25% डाउन और बाक़ी 12 से 24 मासिक किश्तों में। 24 महीने से लंबे tenure के लिए सुल्तानपुर रोड पर असली रास्ता है SBI Realty, HDFC, ICICI, Axis या PNB Housing से बैंक प्लॉट लोन, ये सब Estone के LDA-clear project को recognise करते हैं। अपनी salary और बचत WhatsApp पर भेजिए और हम दोनों रास्तों के असली नंबर सामने रख देंगे।

क्या NRI 5 साल EMI प्लॉट plan ले सकते हैं?

डेवलपर-funded plans के लिए हाँ, NRE या NRO account से भुगतान, साथ में residence country की KYC और address proof। NRI के लिए बैंक 5 साल प्लॉट लोन SBI, HDFC और ICICI में उपलब्ध है, लेकिन NRE/NRO setup और कुछ cases में Indian co-applicant चाहिए। पूरा process हमारे NRI remote diligence guide में है।

डेवलपर 5 साल plan पर EMI miss हो गई तो क्या?

ज़्यादातर डेवलपर बकाया EMI पर 2% प्रति माह late fee लेते हैं, और 5-10 दिन का grace window देते हैं। दो miss EMI पर औपचारिक notice; तीन miss पर booking cancel हो सकती है, partial refund के साथ (दिए हुए पैसों का 10-15% cancellation charge रोक लिया जाता है)। बैंक रास्ता ज़्यादा सख़्त है, CIBIL पर असर और legal recovery भी हो सकती है।

Registry बुकिंग पर होती है या 5वें साल के अंत में?

डेवलपर-डेवलपर से बदलता है। कुछ बुकिंग पर registry कर देते हैं (आप शुरू में स्टैम्प ड्यूटी देते हैं, पहले दिन से प्लॉट क़ानूनी रूप से आपका, EMI एक contractual debt के तौर पर चलती है)। कुछ registry 5वें साल के अंत में रखते हैं (शुरू में cash कम, लेकिन आख़िरी EMI तक प्लॉट क़ानूनी रूप से आपका नहीं)। Agreement to Sell में registry timing लिखी हुई माँगिए। बैंक लोन में registry हमेशा disbursement पर ही होती है।